एक दिवसीय औषधीय प्रषिक्षण कार्यशाला

क्षेत्रीय-सह-सुविधा केन्द्र,(मध्यक्षेत्र), जवाहर लाल नेहरू कृशि विष्वविद्यालय, राश्ट्रीय औशधिय पादप बोर्ड आयुश मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली,के तत्वाधान में दिनांक 12.11.2025 को एक दिवसीय औशधीय प्रषिक्षण कार्यषाला का आयोजन मैहर जिले के उमरी अलियास षिवराजी ग्राम पल में की गई।

प्रशिक्षण कार्यषाला में मुख्य अतिथि के रूप में डाॅ. डी.पी.षर्मा भूतपूर्व संचालक, एक्सटेंषन सर्विसेस, ज.ने.कृ.वि. जबलपुर के साथ डाॅ. ज्ञानेन्द्र तिवारी, समन्वयक क्षेत्रीय-सह-सुविधा केन्द्र मध्यक्षेत्र एवं विभागाध्यक्ष औशधीय एवं पादप कार्यकीय विभााग ज.ने.कृ.वि. जबलपुर एवं डाॅ. अजय पाण्डेय, वैज्ञानिक कृशि विज्ञान केन्द्र रीवा, षासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय रीवा से सहायक प्रध्यापक डाॅ. आषुतोश द्विवेदी एवं डाॅ. विपिन चैरसिया उपस्थित थे।


विशय विषेशज्ञो द्वारा औशधीय पौधों की खेती, संरक्षण एवं संर्वधन पर व्याख्यान देकर कृशकों को प्रोत्साहित किया गया। प्रषिक्षण कार्यक्रम में मैहर जिले के लगभग 60 कृशकों का प्रषिक्षण देकर लाभान्वित किया गया।
प्रषिक्षण कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय-सह-सुविधा केन्द्र, मध्यक्षेत्र के समन्वयक एवं परियोजना प्रमुख डाॅ. ज्ञानेन्द्र तिवारी द्वारा अष्वगंधा, चंद्रषूर एवं ईसबगोल की उन्नत कृशि तकनीक, प्राथमिक प्रसंस्करण तकनीक, मूल्यसंवर्धन एवं विपणन पर विस्त्तृत जानकारी प्रदान कर लाभान्वित किया गया।

प्रषिक्षण कार्यक्रम के अंत में औषधीय पौधों की खेती करने वाले कृशकों को क्षेत्रीय-सह-सुविधा केन्द्र, मध्यक्षेत्र द्वारा अष्वगंधा,ईसबगोल एवं चंद्रषूर के उन्नत किस्म के बीजो का निःषुल्क वितरण किया गया एवं संबंधित साहित्य प्रदान किया गया। उक्त कार्यक्रम में 70 किसान एवं 8 से अधिक कृशि वैज्ञानिकों ने भाग लिया।